मिलो तो सीने में समां जाना, ज़माने को भूलकर ,
कब से मेरी बाँहों का घेरा उदास है ||
मिलो तो सीने में समां जाना, ज़माने को भूलकर ,
कब से मेरी बाँहों का घेरा उदास है ||
हसरत मुद्दतों से है कि अपना भी परिवार हो ....
साथ में हो अपनी "परी " और अच्छा सा "BAR" हो ||