तमन्ना-ए-ख़ुशी है मगर तन्हाई बहुत है ,
हम-कदम बनना चाहते हो मगर खाई बहुत है !!
ख़ुशी के एक पल से भी अब डर सा लगता है,
जानता जो हूँ, कि कीमत दुखदायी बहुत है !!
हम-कदम बनना चाहते हो मगर खाई बहुत है !!
ख़ुशी के एक पल से भी अब डर सा लगता है,
जानता जो हूँ, कि कीमत दुखदायी बहुत है !!
