अपने दिल की धड़कन को परखने भी नहीं देते,
धड़का देते हैं दिल, और फिर धडकने भी नहीं देते !!
हैं जी के जंजाल बहुत ॥
मैं कैसे तुझसे प्यार करूँ ??महंगी हो गयी दाल बहुत ॥
मैं कैसे तुझसे प्यार करूँ ??चैन के दो पल मयस्सर नहीं
सर पे सवार हैं काल बहुत ॥मैं कैसे तुझसे प्यार करूँ ??
दिल में हैं सवाल बहुत ॥
मैं कैसे तुझसे प्यार करूँ ??दिल को रौंदते हैं जो हर रोज़ पैरों तले ,
उन्हें आज भी फूल के टूटने पर दर्द होता है !!
मिलो तो सीने में समां जाना, ज़माने को भूलकर ,
कब से मेरी बाँहों का घेरा उदास है ||
हसरत मुद्दतों से है कि अपना भी परिवार हो ....
साथ में हो अपनी "परी " और अच्छा सा "BAR" हो ||