शोभित जैन
आज रह रह कर किसी कि कही हुई दो पंक्तियाँ जेहन में रही है :-

इंसानियत का तकाजा किताबों में पढ़ा था,
आज किसी की मौत भी खबर बन गयी है ||

7 Responses
  1. seema gupta Says:

    " आज शायद सभी भारतीय नागरिक की ऑंखें नम होंगी और इसी असमंजस की स्थति भी, हर कोई आज अपने को लाचार बेबस महसूस कर रहा है और रो रहा है अपनी इस बदहाली पर ..."ईश्वर मारे गए लोगों की आत्मा को शान्ति प्रदान करें . उनके परिजनों को दु:ख सहने की ताकत दें .


  2. ... बहुत सुन्दर!



  3. sunayana Says:

    kya kahe ab insaniyat ke naam per
    Jala diya sabkuch majhab ke naam per
    dil dhunta hai aj vo aman ki shaam
    jab namaz,arti hua karti thi arpan ke naam per
    aj thak gayi hai kaum, dard seh seh kar
    par manush hai jala raha kafan thaher thehar kar

    Poem padkar kar dil ke baat nikal ayi kalam se


  4. bahut khub sunayana...
    Dua karte hain ki wo samaj phr se dekhna naseeb ho


  5. PCG Says:

    बहुत खूब .......!
    उन्हें कुदरत ने जान बख्शना नही सिखाया !
    हमें कुदरत ने जान बचाना नही सिखाया !!
    चलो इतनी तो तसल्ली है कि कम से कम,
    मौत के ख़बर तो दे देते है !!


  6. Rashi Says:

    your blog is very appealing. thanks, rashi


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